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Welcome to Rashtra Seva Dal.

Socialist leaders and freedom fighters like S. M. Joshi, N. G. Goray, Shirubhau Limaye founded Rashtra Seva Dal on 4 th June 1941. S. M. Joshi was the  first Dal Pramukh. Sane Guruji, great Marathi literary figure. Was his friend, guide and philosopher. A galaxy of devoted socialists like Nath Pai, Bapu Kaldate, Mrinal Gore, Anutai Limaye, Sudha Varde were the leading lights.     For the last 74 years Rashtra Seva Dal continued its activities. There have been ups and downs. But the organization never deviated from its chosen course of activity.
          At present, Rashtra Seva Dal units are functioning in the various states like Maharashtra, Goa, Kerala, Bihar, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Delhi, Uttarakhanda, Jammu-Kashmir and other. Read More

 

सिंहावलोकन

गत सात दशकों से राष्ट्र सेवा दल, अंग्रेजों के काल में भारतीय स्वतंत्रता के लिये और स्वातंत्र्योत्त्तर कालमे आर्थिक एवं सामाजिक परिर्वतन के लिये अपनी सेवाएं राष्ट्र को अर्पित करता आया है। स्वातंत्र्य संग्राम की पार्श्वभूमि पर १९४१ मे राष्ट्र सेवा दल की पुनर्रचना हुयी ।

जाति - धर्म और लिग विरहित राष्ट्रीय वुत्ती और स्वंतंत्रता की प्रेरणा, व्यापक स्तरपर युवक - युवतींयो की राष्ट्र सेवा दल से ही मिली । सेवादल के झंडे के नीचे नित्य एकत्रित होने वालों ने समाजका धैर्य और स्वतंत्रीयप्रेरणा अक्षुणण रखने कम मौलिक कार्यं किया । भारत  विभाजन के कारण जातिय दंगाफसार्दो की मानो बाढ़ आ रायी । ऐसी कठिन स्थिति में राष्ट्रसेवादल ने मोर्चा संभाला । समाज की शांती अबाधित रखी। जाती जातियों में वैमनस्य के कारण खून खराबा न हो, इसके लिये जी जानसे प्रयत्न किये । आगे पढे